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Blockchain in Hindi Bitcoin & Cryptocurrency PART-1

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Blockchain Technology



Blockchain एक तकनीक है जो किसी डाटा को Decentralized/विकेन्द्रीकृत तरीके से स्टोर करता है। विकेन्द्रीकृत का मतलब है जिसको कोई केंद्रित शक्ति कंट्रोल ना करे। 


अर्थात जो भी डेटा हम स्टोर करेंगे उसको हम खुद से Verify कर सकते हैं उसे कोई तीसरा बदल नही सकता है। ये डाटा जहां स्टोर होगा उनको Block कहते हैं। ये सभी Block एक दूसरे से जुड़े हुए रहते हैं और प्रत्येक Block तीन इनफार्मेशन को रखते हैं।
   

1-  डाटा जो हम स्टोर करेंगे। 
2-  हैश(फिंगरप्रिंट) - प्रत्येक ब्लॉक का फिंगर प्रिंट जो उसको दूसरे ब्लॉक से अलग बनता है। 
3-  प्रत्येक ब्लॉक पीछे वाले ब्लॉक का फिंगरप्रिंट रखता है। 


इस प्रकार डाटा स्टोर करने को Blockchain technology कहते हैं।  

Blockchain in Hindi Bitcoin & Cryptocurrency



वैसे तो इस तकनीकी के माध्यम से कोई भी जरूरी डिजिटल डेटा एकत्रित हो सकता है। 


जैसे - 
1 - मान लो हमको अपने ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स को इंटरनेट मैं सेव करना है जिसको स्टोर करने के बाद कोई तीसरा या खुद हम भी बदल नहीं सकता है। 


2- या फिर इलेक्शन सिस्टम मैं वोटिंग को खुद से verify करना जिसे कोई तीसरा ना बदल सके। जैसे मौजूदा वोटिंग सिस्टम में चुनाव आयोग वोटों की गणना या मॉनिटर करता है। और इसमें काफी बार मतभेद भी हुए हैं।



अतः आने वाले समय मैं दोस्तों ये एक Revolutionary तकनीक बन सकता है। कुछ सालों से Cryptocurrency के लिए इसका उपयोग हो रहा है।  


Cryptocurrency क्या है



डिजिटल/बाइनरी फॉर्म में जो करेंसी हम स्टोर करते हैं उसको cryptocurrency कहा जाता है। यह एक वर्चुअल करेंसी है जिसे हम फिजिकली छू नही सकते हैं पर ऑनलाइन इसका ट्रांसक्शन किया जाता है और इससे चीजों को खरीदा या बेचा जा सकता है। Blockchain technology के माध्यम से इन करेंसी को कड़ी के आधार पर जोड़ा जाता है। यदि कोई इस डेटा में बदलाव करना भी चाहे तो पूरी चैन में जो डेटा स्टोर है वह भी बदल जाएगा लेकिन अभी तक ऐसा कर पाना असंभव है। 


Blockchain की History

  

Blockchain को इंग्लैंड के Satoshi Nakamoto ने सन 2008 में खोजा था जो 2011 में Bitcoin blockchain के रूप में आयी थी जिसने बाद मेें ऑनलाइन ट्रांसक्शन के लिए cryptocurrency वॉलेट भी बनाया। 



Blockchain कितना सिक्योर है ?



दोस्तो जैसा की हम जान चुके हैं हर block का अपना फिगरप्रिंट होता है जो की अगले Block मैं भी स्टोर रहता है, मतलब की प्रत्येक Block के पास अपनी यूनीक पहचान और उससे पहले वाले Block का फिंगरप्रिंट भी होता  है।


पहला कारण:


अतः ब्लॉकचैन सुरक्षित होने का पहला कारण ये ही है कि इसमें एक बार स्टोर डेटा को बदल नही सकते हैं।अब यदि किसी भी Block मैं मौजूद डाटा को कोई बदलना चाहे तो उससे उस Block का हैश/फिंगरप्रिंट बदल जाएगा और जिससे उसके बाद वाले Block मैं मौजूद डाटा भी बदल जाएगा। क्योकि हर आनेवाला Block पहले वाले Block से लिंक्ड है तो इस तरह पूरी Blockchain का फिंगरप्रिंट बदल जाएगा। इसीलिए डाटा के  साथ छेड़छाड़ करना Blockchain मैं नामुमकिन है 


दूसरा कारण:


दोस्तो दूसरा  कारण Blockchain का सुरक्षित होने का है Decentralization /विकेन्द्रीकरण, जैसे कोई भी सिस्टम किसी न किसी केंद्रीय शक्ति के वश मैं होता है लेकिन ब्लॉकचैन मैं कोई Central power नहीं है। इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है की इसको कोई भी कण्ट्रोल नहीं कर रहा है। इसको कोई एक सिस्टम नहीं बल्कि नेटवर्क ऑफ़ सिस्टम कण्ट्रोल करता है। अर्थात बहुत से कंप्यूटर मिलकर नेटवर्क बनाते है। नेटवर्क मैं जुड़े कम्प्यूटर्स को Nodes कहते हैं। 


Nodes का काम:


कोई भी Blockchain के नेटवर्क से जुड़कर खुद Node बन सकता है। Blockchain का एक नेटवर्क होता है। जो कंप्यूटर्स इस नेटवर्क से कनेक्टेड होते हैं उनको Nodes कहते हैं। हम अपने कंप्यूटर को भी Blockchain के नेटवर्क में ऐड करके एक Nodes बन सकते हैं।


Minors का काम: 


Blockchain के Network से जुड़े कंप्यूटर को Nodes कहते हैं जिनमे से कुछ नोड्स को Minors कहते हैं। जब भी कोई डाटा को Blockchain मैं स्टोर करता है तो ये सभी Minors डाटा को verify करते हैं की डाटा सही है या गलत या फिर कोई टेम्पेरिन्ग तो नही करना चाह रहा। ये काम Minors करते हैं।

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