Type Here to Get Search Results !

What is Electric Current in Hindi

0
आज के आर्टीकल में हम जानेंगे Electric Current in Hindi / विद्युत धारा क्या है / Electric Current Kya Hai / Electric Current का बेसिक कॉन्सेप्ट, विद्युत धारा का मात्रक, आवेश वाहक, विद्युत धारा दिशा, विद्युत धारा का मापन और Electric Current के कुछ बेसिक सूत्र।



Electric Current का बेसिक कॉन्सेप्ट




हमने नदी में पानी और आकाश में हवा को बहते देखा है। ठीक उसी प्रकार जब विद्युत आवेश किसी कन्डक्टर(चालक) में प्रवाहित होता है तो हम कह सकते हैं कि विद्युत धारा भी बहती है।

चालक के ठोस(माना लोहे की रॉड) होने के बाद भी उसमे उपस्थित इलेक्ट्रॉन ऐसे प्रवाहित होते हैं जैसे हवा या पानी में मौजूद छोटे कण बहते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्यो की एक चलाक में लाखों आवेश वाहक मौजूद होते हैं। 

जब कभी हम बिजली के स्विच को ऑन(ON) करते हैं तब ये पंक्तिबद्ध होकर प्रवाहित होने लगते हैं। और ऐसा प्रतीत होता है कि पहला इलेक्ट्रॉन अगले इलेक्ट्रॉन को धक्का(Push) देता है। और स्विच ON करते ही बल्ब जलने लगता है। 


What is Electric Current in Hindi



ये प्रक्रिया पलक झपकने के जैसी है जो कि बहुत तेजी से पूरी हो जाती है। हाल ही में एक रिसर्च से पता लगा है की बिजली की गति लगभग 30,000किमी/सेकंड है। अतः हम कह सकते हैं कि प्रकाश की गति और बिजली की गति में बहुत बड़ा अंतर नही है। 


प्रकाश की गति अभी तक ज्ञात सभी गतियों में सबसे ऊपर हैं। Speed=3 लाख किमी/सेकंड.




विद्युत धारा और मात्रक Symbol of Electric Current




आवेशों(धनावेश और ऋणावेष) के निरंतर गति की दर को ही Electric Current (विद्युत धारा) कहते हैं। इन आवेश वाहकों को आवेशित कण(Charge particles) कहते हैं। अतः आवेशित कणो(आवेश वाहक) के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहा जाता है। 

विद्युत धारा का SI मात्रक एम्पियर होता है। विद्युत धारा के लिए I प्रतीक का उपयोग सबसे पहले आंद्रे-मैरी एम्पीयर द्वारा 1820 मैं अपने एम्पीयर बल नियम(Ampère's force law) के दौरान किया गया था।


यदि किसी चालक के क्रॉस सेक्शन एरिया(विशेष हिस्से) से समय t(सेकेंड) में कुल Q(कूलाम) आवेश प्रवाहित होता है तब उस विशेष हिस्से से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा I(एम्पियर) को इस प्रकार दिखाया जाता है।
 
I = Q / t (एम्पियर)



यदि किसी चालक में 1 एम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही है तो उससे हर 1 सेकेंड में बहने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या 6.25 × 108 होती है। 



यह भी पढ़ें-





पदार्थो में आवेश वाहक



इलेक्ट्रिक सर्किट के संदर्भ में किसी चालक में आवेश वाहक, प्रायः इलेक्ट्रॉन होते हैं अर्थात चालकों में विद्युत धारा का कारण प्रायः इलेक्ट्रॉन ही होते हैं। अतः हम कह सकते हैं Current is the Flow of Electrons.

अर्धचालकों में विद्युत धारा धनावेशों(Holes) के कारण होती है। 

इलेक्ट्रोलाइट ठोस या तरल पदार्थों(केमिकल बैटरीज) में आवेश वाहक, प्रायः आयन होते हैं। 

जबकि आयनित गैसों (प्लाज्मा- जिसमे ठोस,द्रव,गैस तीनो गुण होते हैं।) में आवेश वाहन, इलेक्ट्रॉन और आयनों दोनो के द्वारा विद्युत धारा का प्रवाह होता है।



विद्युत धारा की दिशा


What is Electric Current in Hindi
परिपथ में इलेक्ट्रॉन और धनावेशों कि दिशा



पारम्परिक विद्युत धारा(Conventional Current):



विद्युत परिपथ में पारम्परिक विद्युत धारा की दिशा को इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की दिशा के विपरीत और धनावेशों के प्रवाह के समान माना जाता है। चालकों या अर्धचालकों में जिन स्थानों को इलेक्ट्रॉन छोड़कर आगे को बढ़ते हैं उन जगहों पर धनावेश बन जाते जो कि पीछे को गतिमान प्रतीत होते हैं। अतः धनावेशों की गति की दिशा को ही विद्युत धारा की दिशा माना जाता है।



DC विभव में विद्युत धारा:



DC में धारा एक दिशा में प्रवाहित होती है। एक शुद्ध DC में फ्रीक्वेंसी मान जीरो होता है। फ्रीक्वेंसी शून्य होने की वजह से ही आवेश वाहक एक ही दिशा में रहते हैं अतः DC एक दिशात्मक होती है। DC को बनाने के तरीके काफी हैं। DC को बैटरीज से, सोलर सेल, डायनमो(कम्यूटेटर युक्त) और थर्मोकपल के द्वारा बनाया जा सकता है। इसके अलावा AC को रेक्टिफायर के द्वारा DC में बदल कर भी बनाया जा सकता है।

DC को पहले गल्वेनिक करंट के नाम से भी जाना जाता था।



AC विभव में विद्युत धारा:



यदि धारा प्रत्यावर्ती(अल्टरनेटिंग) है तो उसकी दिशा अग्रगामी(Forward) और पश्चगामी(Backward) दोनो तरफ होती है। AC में धारा की दिशा पॉजिटिव हाफ साईकल में सोर्स के लोड की तरफ और नेगेटिव हाफ साईकल में धारा की दिशा लोड से सोर्स की तरफ होती है। AC मे फ्रीक्वेंसी होने की वजह से आवेश वाहक समय-समय पर (Periodically) दिशा को बदलते है। AC को प्रायः जनरेटर या अल्टरनेटर के द्वारा प्रोड्यूस किया जाता है।  


वास्तव में सभी आवेश वाहक (इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन) परमाणु के अंदर के कण(Sub particle) हैं जिनको हम देख नही सकते। इन सभी परिकल्पनाओं को बस माना गया है।  विद्युत धारा किसी परिपथ में किस दिशा में प्रवाहित हो रही हैं ये निर्भर करता है उस परिपथ के विश्लेषण पर यदि धारा का मान नकारात्मक है तो धारा धनात्मक मान के विपरीत होगी। 

 

What is Electric Current in Hindi
         DC परिपथ धारा की दिशा + से - की ओर




What is Electric Current in Hindi
       AC परिपथ में धारा की दिशा दोनो ओर


विद्युत धारा के प्रकार


उपयोगिता को देखते हुए मुख्यतः धारायें दो प्रकार की होती हैं। प्रत्यावर्ती धारा(AC) और दिष्ट धारा(DC)



विद्युत धारा का मापन



विद्युत धारा को मापने के लिये जिस युक्ति का उपयोग किया जाता है उसे अमीटर कहते हैं। इसके अलावा मल्टीमीटर एक डिजिटल मीटर होता है जो धारा के अलावा और भी इलेक्ट्रिकल राशियों को माप सकता है। AC को उसके द्वारा चालक के चारों तरफ बनाये गए चुम्बकीय क्षेत्र से भी मापा जा सकता है इस प्रकार की युक्ति को क्लैंप मीटर कहते हैं। गलविनोमेटर (Galvinometer) और करंट ट्रांसफार्मर के द्वारा भी हम धारा का मापन कर सकते हैं। इसके अलावा परिपथ अरेंजमेंट के द्वारा भी धारा को मापा जा सकता है। 



कुछ बेसिक धारा के सूत्र



  • I=Q/T  आवेश का आकलन
  • Q=Ne  इलेक्ट्रॉनों की संख्या का आकलन      
  • R=V/I  वोल्टेज और रेजिस्टेंस कैल्कुलेशन्स
  • P=VI  पावर कैल्कुलेशन्स

ऊपर दिए गए सूत्रों में दिखाए गये प्रतीकों में I धारा को, Q आवेश को, T समय को,  N इलेक्ट्रॉनों की संख्या को, e इलेक्ट्रान पर आवेश(1.602 × 1019 कूलाम) को, V वोल्टेज को, R रेसिस्टेन्स को तथा P पावर को दर्शाता है। 


आशा करते हैं आर्टीकल What is Electric Current in Hindi/ Current Electricity in Hindi आपको अच्छा लगा होगा। यदि आपको अच्छा लगा तो आप शेयर कर सकते हैं और यदि आपके कोई सुझाव हैं तो आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं धन्यवाद।


Tags

Post a Comment

0 Comments